राजनांदगांव । शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा पार्षद रवि सिन्हा ने कहा है कि बदलते समय और तकनीकी प्रगति के साथ शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। वर्तमान में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में लागू की जा रही नवीन शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक कदम है।
रवि सिन्हा ने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक, तकनीकी एवं कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना है। आधुनिक शिक्षा प्रणाली में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर समझ, विश्लेषण, नवाचार एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बन सकें।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, ऑनलाइन शिक्षण, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म तथा वर्चुअल लैब जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, सरल एवं रोचक बनी है। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के नए अवसर मिल रहे हैं।
रवि सिन्हा ने बताया कि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की रुचि एवं क्षमता के अनुरूप विषय चयन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं महाविद्यालयों में बहु विषयक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को विकसित कर सकते हैं तथा रोजगार के नए अवसरों तक पहुंच बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नवीन शिक्षा पद्धति में कौशल विकास, शोध, नवाचार, खेलकूद, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया गया है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। नई शिक्षा नीति शिक्षा को अधिक समावेशी, लचीला एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रवि सिन्हा ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अपनाई जा रही यह नवीन शिक्षा पद्धति भारत को ज्ञान आधारित, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से इस परिवर्तनकारी शिक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।