आजकल लंबे समय तक मोबाइल चलाने, कंप्यूटर पर काम करने, गलत तरीके से बैठने और सोते समय गर्दन की सही स्थिति न होने के कारण गर्दन में दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई बार गर्दन में अकड़न, कंधों में खिंचाव और सिरदर्द जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं। ऐसे में कुछ आसान एक्सरसाइज गर्दन की मांसपेशियों को आराम देने और उनकी लचक बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, अगर गर्दन में तेज दर्द है या चोट लगी है, तो एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए सबसे पहले नेक टिल्ट एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसके लिए सीधे बैठ जाएं और धीरे-धीरे अपने सिर को आगे की ओर झुकाएं, ताकि ठुड्डी छाती के करीब आए। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहने के बाद सिर को सामान्य स्थिति में ले आएं। इसके बाद गर्दन को धीरे-धीरे दाएं और बाएं झुकाएं। ध्यान रखें कि इस दौरान किसी तरह का झटका न दें और गर्दन पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।
दूसरी एक्सरसाइज नेक टर्न है। इसमें कुर्सी पर सीधे बैठकर सामने की ओर देखें और धीरे-धीरे सिर को दाईं तरफ घुमाएं। कुछ सेकंड रुकने के बाद सिर को वापस सीधा करें और फिर बाईं तरफ घुमाएं। इस अभ्यास से गर्दन की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसे आरामदायक सीमा में ही करें। इसके अलावा, शोल्डर रोल भी गर्दन और कंधों के तनाव को कम करने में सहायक हो सकता है। इसके लिए कंधों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं, पीछे की ओर घुमाएं और फिर नीचे लाएं। इस प्रक्रिया को कई बार दोहराया जा सकता है।
चिन टक एक्सरसाइज भी गर्दन की मांसपेशियों के लिए उपयोगी मानी जाती है। इसमें सीधे बैठकर नजर सामने रखें और ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं, जैसे आप हल्की डबल चिन बना रहे हों। कुछ सेकंड रुकने के बाद सामान्य स्थिति में लौट आएं। इस अभ्यास से सिर और गर्दन की सही स्थिति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
एक्सरसाइज के साथ रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करना भी जरूरी है। मोबाइल को आंखों के स्तर पर रखें, कंप्यूटर पर काम करते समय पीठ सीधी रखें और हर 30 से 60 मिनट में थोड़ा ब्रेक लें। सोते समय गर्दन को सहारा देने वाला आरामदायक तकिया इस्तेमाल करें। एक्सरसाइज के दौरान दर्द बढ़ने, हाथों में झनझनाहट, कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत रुक जाएं। यदि दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए या हाथ में कमजोरी महसूस हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें। सही दिनचर्या और सावधानी से गर्दन को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।