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क्या रेबीज वाली गाय का दूध पीने से इंसान को भी हो सकता है रेबीज

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Posted on: 2026-10-23
क्या रेबीज वाली गाय का दूध पीने से इंसान को भी हो सकता है रेबीज

रेबीज एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जो आमतौर पर संक्रमित जानवर के काटने या उसकी लार के घाव, आंखों, नाक या मुंह जैसे हिस्सों के संपर्क में आने से फैलती है। लेकिन अगर किसी गाय को रेबीज हो जाए, तो क्या उसका दूध पीने से इंसान भी इस जानलेवा बीमारी का शिकार हो सकता है? यह सवाल कई लोगों के मन में उठता है, खासकर उन इलाकों में जहां लोग रोजाना गाय का ताजा दूध पीते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज संक्रमित गाय का दूध पीने से इंसान में संक्रमण फैलने का खतरा सामान्य तौर पर बहुत कम माना जाता है। हालांकि, इसे पूरी तरह सुरक्षित मानना भी सही नहीं है।

रेबीज का वायरस मुख्य रूप से संक्रमित जानवर की लार और तंत्रिका तंत्र से जुड़े ऊतकों में पाया जाता है। दूध के जरिए रेबीज फैलने के प्रमाण बेहद सीमित हैं और दूध पीने से संक्रमण फैलना इसका सामान्य तरीका नहीं है। फिर भी, यदि गाय में रेबीज की आशंका हो या उसकी बीमारी की पुष्टि हो चुकी हो, तो उसका कच्चा दूध नहीं पीना चाहिए। ऐसे दूध का इस्तेमाल दही, पनीर या अन्य खाद्य पदार्थ बनाने के लिए भी नहीं करना चाहिए। दूध को उबालने या पाश्चुरीकरण से वायरस निष्क्रिय हो सकता है, लेकिन संदिग्ध रेबीज संक्रमित गाय के दूध को सुरक्षित बनाने के लिए घरेलू उपायों पर भरोसा करना उचित नहीं है।

भारत के राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, रेबीज संक्रमित जानवर का दूध या उससे बने उत्पाद खाने-पीने से इंसानों में रेबीज फैलने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। इसलिए केवल ऐसा दूध पी लेने के कारण आमतौर पर रेबीज का टीका लगवाने की जरूरत नहीं मानी जाती।

हालांकि, अगर दूध निकालते समय गाय की लार किसी खुले घाव पर लगी हो या आंख, नाक और मुंह के अंदर सीधे पहुंची हो, तो स्थिति अलग हो सकती है। ऐसे मामले में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर किसी संक्रमित गाय ने काटा या खरोंचा है, तो घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोकर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए। रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है, इसलिए संभावित संक्रमण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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