भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ पानी के प्रबंधन और समुद्री जल को उपयोगी बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम बढ़ा रही है। गुजरात के जामनगर में रिलायंस की औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए समुद्र के पानी को साफ करने की परियोजना काफी अहम मानी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना और मीठे पानी के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करना है। हालांकि, इस परियोजना से जुड़ी कंपनी, ऑर्डर की शर्तों और तकनीकी क्षमता के बारे में आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर परिसर दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल केंद्रों में गिना जाता है। यहां कच्चे तेल को विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने से लेकर कई औद्योगिक प्रक्रियाओं तक बड़ी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में समुद्र के खारे पानी को साफ करके औद्योगिक इस्तेमाल के योग्य बनाना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है। इससे स्थानीय जल संसाधनों पर दबाव कम करने और लंबे समय तक पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
इस परियोजना में सबसे बड़ी खबर जल शोधन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी VA Tech WABAG को लेकर है। 27 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कंपनी को जामनगर में समुद्री जल को साफ करने और उसके खनिज संतुलन को बहाल करने वाले संयंत्र के लिए ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऑर्डर दिया है। इस अनुबंध में संयंत्र की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, संचालन शुरू करने और प्रदर्शन परीक्षण जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।