Karachi : \'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून\' की रिपोर्ट के मुताबिक, कराची के कय्यूमाबाद इलाके में सैकड़ों नाराज़ निवासियों ने पानी की लंबे समय से चली आ रही किल्लत (जो लगभग चार महीने से जारी है) के खिलाफ़ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि अधिकारी बुनियादी जन-सुविधा देने में लगातार नाकाम रहे हैं। \'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून\' के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक, कय्यूमाबाद चौरांगी को जाम कर दिया, जिससे ट्रैफ़िक बुरी तरह बाधित हुआ और हज़ारों यात्री भीषण गर्मी में घंटों तक फँसे रहे।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स लगाए और सड़क पर पत्थर रख दिए, जिससे ट्रैफ़िक पूरी तरह ठप हो गया। निवासियों ने कराची वॉटर कॉर्पोरेशन पर इलाके की अनदेखी करने और नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित न कर पाने का आरोप लगाया। बढ़ती महंगाई के बीच कई परिवारों को महंगे टैंकर का पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे घरों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी शिकायत की कि पाइपलाइन के ज़रिए कभी-कभार जो पानी घरों तक पहुँचता भी है, वह अक्सर दूषित और पीने लायक नहीं होता। सड़क जाम होने से आस-पास की सड़कों पर भारी ट्रैफ़िक जाम लग गया, खासकर कोरांगी क्रीक और कय्यूमाबाद को जोड़ने वाले रास्तों पर।सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुईं; बसें जाम में फँसने के कारण बुज़ुर्गों समेत कई यात्रियों को लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ा। बस स्टॉप पर इंतज़ार कर रही भारी भीड़ भी फँसी रह गई।
भीड़ को संबोधित करते हुए समुदाय के नेताओं ने बताया कि वॉटर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने निवासियों को एक बार फिर भरोसा दिलाया है कि अगले दिन से पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।हालाँकि, प्रदर्शनकारियों ने इन आश्वासनों को खारिज कर दिया और कहा कि पहले भी कई बार ऐसे वादे किए गए हैं, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।\'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून\' के अनुसार, निवासियों ने इलाके में वरिष्ठ अधिकारियों के आने और अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान की माँग की। समुदाय के एक प्रतिनिधि ने भीड़ से कहा, \"वादे करने का समय बीत चुका है। हमें व्यावहारिक कार्रवाई चाहिए।\" उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संकट का समाधान नहीं हुआ तो प्रदर्शन जारी रहेंगे।\'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून\' की रिपोर्ट के मुताबिक, निवासियों ने कराची के मेयर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत दखल देने की अपील की और ज़ोर देकर कहा कि पानी की इस किल्लत का सबसे ज़्यादा असर बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों पर पड़ा है।