दुबई, 12 सितंबर महिला टी-20 एशिया कप के फाइनल में भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबले में स्पिन गेंदबाजी की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है। टूर्नामेंट में भारत की स्पिन गेंदबाजों ने अब तक 26 विकेट लिए हैं, जो किसी भी टीम से सबसे ज्यादा हैं। श्रीलंका की स्पिन गेंदबाजी 25 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर है। ऐसे में रविवार को होने वाला खिताबी मुकाबला स्पिन बनाम स्पिन का दिलचस्प मुकाबला बन सकता है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि टीम ने टूर्नामेंट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलित प्रदर्शन किया है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम की बल्लेबाजी में अहम योगदान दिया है। वहीं, दीप्ति शर्मा की अगुआई में स्पिन आक्रमण ने विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाया है।
दूसरी ओर, धीमी दुबई की पिचों पर श्रीलंका को बल्लेबाजी में लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में टीम 33 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने पारी संभाली और टीम को जीत तक पहुंचाया। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ श्रीलंका 44 रन पर पांच विकेट गंवा चुका था और समरविक्रमा की संयमित पारी ने टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इंडोनेशिया के खिलाफ लीग मैच में भी टीम 45 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी, तब निलाक्षिका सिल्वा ने पारी को संभाला था।
श्रीलंका की शीर्ष बल्लेबाजी में अस्थिरता चिंता का विषय है। चमारी अटापट्टू ने चार पारियों में सिर्फ 63 रन बनाए हैं, जबकि इमेशा दुलानी के नाम चार पारियों में 64 रन हैं। दूसरी ओर, भारत की गेंदबाजी में तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा भी अच्छी फॉर्म में हैं। ऐसे में श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए भारत के गेंदबाजी आक्रमण से निपटना आसान नहीं होगा।
भारत का हालिया रिकॉर्ड भी उसे खिताब का प्रबल दावेदार बनाता है। भारत ने दिसंबर 2025 में घरेलू मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में क्लीन स्वीप किया था और दोनों टीमों के बीच पिछले 10 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत ने नौ जीत दर्ज की हैं।
हालांकि, श्रीलंका के पक्ष में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इसी दौरान मिली उसकी एकमात्र जीत सबसे बड़े मुकाबले में आई थी। 2024 एशिया कप के फाइनल में दांबुला में श्रीलंका ने भारत के 166 रन के लक्ष्य को आठ विकेट शेष रहते हासिल कर खिताब जीता था।
श्रीलंका के सामने इस बार भारत के नंदनी शर्मा और स्पिन तिकड़ी दीप्ति शर्मा, एन श्री चरणी और प्रेमा रावत से निपटने की चुनौती होगी। टीम को शुरुआती झटकों से बचते हुए साझेदारियां बनानी होंगी, ताकि मध्य और निचले क्रम पर जरूरत से ज्यादा दबाव न आए। भारत जहां संतुलन और फॉर्म के लिहाज से मजबूत नजर आ रहा है, वहीं गत चैंपियन श्रीलंका जानता है कि फाइनल में परिस्थितियां बदल सकती हैं। खास बात यह है कि बल्लेबाजी में संघर्ष के बावजूद श्रीलंका ने टूर्नामेंट में अब तक अपने सभी मुकाबले जीते हैं और उसका रिकॉर्ड भारत के समान है।
नजरें शेफाली और अटापट्टू पर
भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने टूर्नामेंट में तेज शुरुआत को अपनी पहचान बना लिया है। उन्होंने चार मैचों में 169.69 के शानदार स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनकी दो पारियां 64 रन की रही हैं। फाइनल में भारतीय पारी को तेज शुरुआत दिलाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
श्रीलंका को शुरुआती झटकों से उबरने में अलग-अलग खिलाड़ियों का योगदान मिला है, लेकिन फाइनल में टीम को अपनी स्टार खिलाड़ी चमारी अटापट्टू से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। अटापट्टू गेंद से प्रभावी रही हैं और टूर्नामेंट में 11 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं, लेकिन बल्ले से उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। चार मैचों में वह केवल एक बार 30 रन का आंकड़ा पार कर सकी हैं। फाइनल में बल्ले से उनका बड़ा योगदान श्रीलंका को भारत के खिलाफ अतिरिक्त मजबूती दे सकता है।
टीम समाचार
भारत ने टूर्नामेंट में अब तक एक ही अंतिम एकादश के साथ सभी मुकाबले खेले हैं। चोट की समस्या नहीं होने पर फाइनल में भी टीम के उसी संयोजन के साथ उतरने की संभावना है।
भारत संभावित एकादश:
स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, क्रांति गौड़, एन श्री चरणी, नंदनी शर्मा।
श्रीलंका ने अपने 17 खिलाड़ियों में से 14 को मौका दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में विश्मी गुणरत्ने और चेथना विमुक्ति को बाहर रखते हुए हसिनी परेरा और मिथाली अयोध्या को शामिल किया गया था। यही संयोजन फाइनल के लिए भी उसकी आदर्श एकादश हो सकती है।
श्रीलंका संभावित एकादश:
इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), संजना कविंदी, हर्षिता समरविक्रमा, हसिनी परेरा, कविशा दिलहारी, निलाक्षिका सिल्वा, कौशिनी नुत्यांगना (विकेटकीपर), सुगंधिका कुमारी, चामुडी प्रबोदा, मिथाली अयोध्या।
पिच और मौसम
टूर्नामेंट में अब तक कम स्कोर वाले मुकाबले देखने को मिले हैं। 150 रन से अधिक के केवल दो स्कोर बने हैं और दोनों भारत ने बनाए हैं। धीमी पिचों पर स्पिन और धीमी गति के गेंदबाजों को मदद मिली है, जिससे बल्लेबाजों के लिए शॉट लगाना चुनौतीपूर्ण रहा है। दिन में तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि शाम को इसमें मामूली गिरावट होगी। टूर्नामेंट के 14 मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने नौ बार जीत दर्ज की है।
आंकड़े और रिकॉर्ड
चमारी अटापट्टू और दीप्ति शर्मा ने इस एशिया कप में 11-11 विकेट लिए हैं और दोनों संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। एन श्री चरणी का 3.27 का इकॉनमी रेट दोनों टीमों के गेंदबाजों में सबसे बेहतर है। महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में स्मृति मंधाना ने 633 रन बनाए हैं, जो सर्वाधिक हैं। चमारी अटापट्टू 628 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं।