भारत और उज़्बेकिस्तान गुरुवार को नई दिल्ली में काउंटर टेररिज्म पर अपने जॉइंट वर्किंग ग्रुप की 10वीं मीटिंग के बाद इन्फॉर्मेशन शेयरिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग और बेस्ट प्रैक्टिस के एक्सचेंज के ज़रिए काउंटर-टेररिज्म कोऑपरेशन को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।
मीटिंग की को-चेयर विदेश मंत्रालय (MEA) के एडिशनल सेक्रेटरी (काउंटर टेररिज्म) डॉ. सुहेल एजाज खान और उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय के तहत साउथ एशियन, नियर, मिडिल ईस्टर्न और अफ्रीकन देशों के साथ कोऑपरेशन डिपार्टमेंट के हेड पिरिमकुलोव गुलोमजोन शोदमोनकुलोविच ने की।
दोनों पक्षों ने दुनिया भर में और अपने-अपने इलाकों में आतंकवादी ग्रुप्स से पैदा होने वाले खतरों पर चर्चा की। उन्होंने उभरती चुनौतियों पर अपने विचार शेयर किए, जिनमें एक्सट्रीमिज़्म और रेडिकलाइज़ेशन, टेररिज़्म फाइनेंसिंग, आतंकवादी मकसदों के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज़्ड क्राइम और आतंकवाद के बीच संबंध शामिल हैं।
दोनों पक्ष राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरों से निपटने में सहयोग करने और जॉइंट वर्किंग ग्रुप के फ्रेमवर्क को और मजबूत करने पर सहमत हुए।
उन्होंने अपनी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग पर भी बात की और यूनाइटेड नेशंस, शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन के रीजनल एंटी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर (SCO-RATS) और मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के फाइनेंसिंग से निपटने के लिए यूरेशियन ग्रुप (EAG) जैसे मल्टीलेटरल फोरम पर मिलकर काम करने का अपना वादा दोहराया।
जॉइंट वर्किंग ग्रुप की अगली मीटिंग उज़्बेकिस्तान में आपसी सहमति से तय तारीख पर होगी।