भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘सीआईडी’ के निर्माता बी.पी. सिंह को याद कर शो से जुड़े कलाकार भावुक हो गए। बी.पी. सिंह ने भारतीय टेलीविजन पर अपराध और जांच आधारित धारावाहिकों को एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके निर्देशन और निर्माण में तैयार हुए ‘सीआईडी’ ने लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। शो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके किरदार, संवाद और जांच करने का अनोखा अंदाज आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं। बी.पी. सिंह का नाम भारतीय टेलीविजन के उन रचनाकारों में शामिल है, जिन्होंने अपनी मेहनत और रचनात्मक सोच से एक ऐसा कार्यक्रम बनाया, जो कई पीढ़ियों के दर्शकों का पसंदीदा बन गया।
बी.पी. सिंह को याद करते हुए ‘सीआईडी’ के कलाकारों ने उनके योगदान और उनके साथ बिताए पलों को याद किया। कलाकारों के लिए वह केवल एक निर्माता या निर्देशक ही नहीं थे, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक भी थे, जिन्होंने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। धारावाहिक के जरिए कलाकारों ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और कई किरदार घर-घर में मशहूर हो गए। शो की टीम के बीच बने रिश्तों और लंबे समय तक साथ काम करने के अनुभवों ने इसे एक परिवार जैसा माहौल दिया। यही वजह है कि बी.पी. सिंह को याद करते समय कलाकारों की भावनाएं भी सामने आईं।
‘सीआईडी’ में इंस्पेक्टर दया का लोकप्रिय किरदार निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने भी बी.पी. सिंह को श्रद्धांजलि दी। दयानंद शेट्टी का नाम इस धारावाहिक के सबसे चर्चित कलाकारों में लिया जाता है। उनके दमदार अभिनय, प्रभावशाली व्यक्तित्व और दरवाजा तोड़ने वाले अंदाज ने दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता हासिल की। इंस्पेक्टर दया का किरदार आज भी लोगों की यादों में जीवंत है। इस किरदार को लोकप्रिय बनाने में दयानंद शेट्टी के अभिनय के साथ-साथ शो की रचनात्मक टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बी.पी. सिंह के साथ काम करने का अनुभव उनके करियर का एक अहम हिस्सा रहा है।
‘सीआईडी’ की सफलता केवल इसकी अपराध से जुड़ी कहानियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके कलाकारों की शानदार अदाकारी, रहस्यपूर्ण घटनाक्रम और जांच के रोचक तरीकों ने भी दर्शकों को बांधे रखा। एसीपी प्रद्युम्न, इंस्पेक्टर दया और अभिजीत जैसे किरदारों ने धारावाहिक को खास पहचान दिलाई। बी.पी. सिंह की सोच ने इन किरदारों को एक मजबूत आधार दिया और कार्यक्रम को भारतीय टेलीविजन के यादगार धारावाहिकों में शामिल कराया।
बी.पी. सिंह को याद करना दरअसल उस दौर को याद करना भी है, जब टेलीविजन पर ‘सीआईडी’ का प्रसारण दर्शकों के लिए मनोरंजन का एक खास हिस्सा हुआ करता था। शो के प्रति लोगों का लगाव आज भी बरकरार है और इसके पुराने एपिसोड सोशल मीडिया तथा डिजिटल मंचों पर चर्चा में रहते हैं। कलाकारों की श्रद्धांजलि से यह साफ होता है कि बी.पी. सिंह की विरासत केवल उनके बनाए कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि उन रिश्तों, यादों और अवसरों में भी मौजूद है, जिन्हें उन्होंने अपने साथ काम करने वाले लोगों को दिया। उनका योगदान भारतीय टेलीविजन के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा