होली। ग्राम पंचायत गरोला में इन दिनों भारत गैस के उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गैस वितरण करने वाली गाड़ी के कर्मचारी अपनी मनमर्जी से गैस का वितरण कर रहे हैं, जिससे दर्जनों उपभोक्ता बिना सिलेंडर के ही खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। घ्ग्रामीणों ने गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खडे किए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब गरोला में गैस की गाडी पहुंचती है तो कर्मचारी केवल एक-दो चुनिंदा जगहों पर ही रुकते हैं। वहां भी महज एक-दो सिलेंडर देकर बा िउपभोक्ताओं को यह कहकर टाल दिया जाता है कि अभी आगे जा रहे हैं। शाम को वापस आते समय सबको गैस सिलेंडर दे देंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि जब शाम को गाडी वापस लौटती है तो वह पूरी तरह से खाली होती है। पूछने पर कर्मचारियों द्वारा टालमटोल रवैया अपनाया जाता है। इस वजह से सुबह से लेकर शाम तक इंतजार करने वाले उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पडता है। इस अव्यवस्था और गैस एजेंसी की मनमानी से परेशान होकर गरोला के स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित गैस एजेंसी के उच्चाधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग की है कि ग्राम पंचायत गरोला के लिए महीने में एक विशेष तिथि और स्थान निर्धारित किया जाए। उस तय दिन पर गैस की गाडी गांव के मुख्य चौक पर ही रुके और सभी कतारबद्ध उपभोक्ताओं को पारदर्शिता के साथ गैस सिलेंडर बांटे जाएं, ताकि लोगों को इस रोज-रोज की परेशानी और मानसिक प्रताडना से मुक्ति मिल सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और गरोला के लिए विशेष दिन तय नहीं हुआ तो वे तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।