भारत ने जम्मू-कश्मीर में तथाकथित विधानसभा चुनावों को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छिपाने का प्रयास बताया है।
Posted on:
2026-07-28
भारत ने जम्मू-कश्मीर में तथाकथित विधानसभा चुनावों को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छिपाने का प्रयास बताया है।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छुपाने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को छिपाने का प्रयास बताया है। आज दोपहर नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे दिखावटी चुनावी प्रक्रिया करार दिया और कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में चल रहे जन विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।
श्री जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि जो देश दशकों से सीमा पार आतंकवाद, धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा को बढ़ावा दे रहा है, वह किसी भी प्रकार की बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यकों और उनके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के मामले में उनका बेहद खराब रिकॉर्ड ऐसे बेबुनियाद प्रयासों को और भी खोखला बना देता है। श्री जायसवाल ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय नागरिक, जिनमें जेनरेशन जेड भी शामिल है, लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का अंत होना चाहिए।
ओडेसा बंदरगाह पर एमवी एजीएन राग्नार पर हुए हमले के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जहाज पर चार भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अभी भी लापता हैं। उन्होंने आगे कहा कि तलाशी अभियान जारी है और मंत्रालय स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। श्री जायसवाल ने बताया कि सरकार ने लापता दोनों भारतीय नागरिकों के परिवारों से भी संपर्क स्थापित कर लिया है।
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के संबंध में श्री जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन में कुछ न्यायिक कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि इन कानूनी कार्यवाही के समाप्त होने के बाद, उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार का रुख इस बात पर अडिग है कि सभी भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया जाए और यहीं न्यायिक प्रक्रिया का सामना कराया जाए।