गुजरात के आईआईटी गांधीनगर में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने डीएसटी फंडेड सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी (CIF) और तीन नए रिसर्च क्लस्टर्स का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत में वैज्ञानिक शोध केवल रिसर्च पेपर्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका सीधा फायदा समाज और अर्थव्यवस्था को मिलना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने एडवांस्ड मटेरियल्स रिसर्च क्लस्टर (AMRC), एनर्जी रिसर्च क्लस्टर (ERC) और हेल्थकेयर एंड मेडटेक रिसर्च क्लस्टर (HMRC) लॉन्च किए। इनका उद्देश्य अत्याधुनिक रिसर्च को जमीन पर उतारकर देश के विकास में उपयोगी समाधान तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 70 उद्योग समूह इस नई इंडस्ट्री-अकादमिक साझेदारी पहल में फाउंडिंग पार्टनर के रूप में जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत को मटेरियल्स में आत्मनिर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसी रिसर्च की जरूरत है, जो सीधे समाज तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकार की विज्ञान नीति का उद्देश्य रिसर्च फंडिंग और अवसरों को देश के ज्यादा से ज्यादा संस्थानों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) जैसी पहल की गई है, ताकि केवल बड़े संस्थान ही नहीं बल्कि अन्य विश्वविद्यालय भी इसका लाभ उठा सकें।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत इस समय विज्ञान और तकनीक के दशक से गुजर रहा है और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया-एआई मिशन जैसी योजनाएं देश को नई तकनीकी ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी गांधीनगर में बने सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी को साझा वैज्ञानिक बुनियादी ढांचे की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे शोधकर्ता, स्टार्टअप्स और उद्योगों को महंगे वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुंच मिलेगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर मिशन जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को भी मजबूती देगा।
इस दौरान उन्होंने आईआईटी गांधीनगर रिसर्च पार्क का दौरा किया और वहां मौजूद 20 से अधिक कंपनियों और 30 से ज्यादा स्टार्टअप्स के नवाचारों को देखा। उन्होंने कहा कि रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच साझेदारी शुरुआत से ही होनी चाहिए ताकि नई तकनीकों को बाजार और समाज तक तेजी से पहुंचाया जा सके।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में घोषित 1 लाख करोड़ रुपये के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसी पहलें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगी।